01 मार्च 2016

5 श्रापित खजाने : जो भी गया ढूंढने उसकी हो गई मौत

छुपे हुए खजानो की खोज प्राचीन काल से ही लोगो को अपनी और आकर्षित करती आई है क्योंकि इसमें रहस्य-रोमांच के साथ साथ एकाएक अमीर बनने के भी चांस होते है। अब तक ऐसे छुपे हुए सैकड़ों  खजानों की खोज की भी जा चुकी है। पर कुछ खजाने ऐसे भी है जिन्हें खोजने के चक्कर में अब तक कई लोग अपनी जान गवा चुके है। कई लोग खजाने तक पहुंचे भी, उन्होंने वहां से कुछ हिस्सा निकाला भी पर वो ज़िंदा नहीं बच पाए जबकि अधिकांश लोग खजाने को ढूंढने के दौरान मारे गए।  और यह सिलसिला आज भी जारी है ऐसे ही एक शापित खजाने को ढूंढते हुए सबसे ताज़ा मौत 2012 में डेनवर निवासी जेस केपेन की हुई है। आज हम आपको पांच ऐसे ही श्रापित खजानो के बारे में विस्तार से बताएंगे।
·                    काहुएंगा दर्रा का खजाना  (The Cahuenga Pass Treasure)
इस खजाने की कहानी 1864 से शुरू होती है, जब मैक्सिको के राष्ट्रपति बेनिटो जुआरेज (Benito Juarez) ने अपने चार सैनिकों को एक खजाने के साथ सेन फ्रांस्सिको भेजा था। इसमें सोने के सिक्के और बेशकीमती ज्वेलरी थी। रास्ते में एक सैनिक की मौत हो गई तो तीनों ने बीच रास्तें में खजाने को जमीन के अंदर गाड़ दिया। लेकिन वहां घूम रहे एक व्यक्ति डियागो मोरेना (Diego Morena) ने यह देख लिया। बाद में उसने इस धन को निकाला और लॉस एंजलिस की ऊपरी पहाड़ी पर गाड़ दिया।
उसी रात उसने एक स्वप्न देखा कि  इस खजाने से अगर वह धन लाएगा तो उसकी मौत हो जाएगी। इसके बाद उसकी मौत हो गई। डियागो की मौत के बाद उसके मित्र जीसस मार्टिनेज (Jesus Martinez) ने इस खजाने को पाने के लिए अपने सौतेले पुत्र के साथ जैसे ही खुदाई करना शुरू की उसकी मौत हो गई। इसके बाद जीसस मार्टिनेज के सौतेले बेटे की मौत भी एक फायरिंग में हो गई। इस खजाने का थोड़ा हिस्स 1885 में बास्क शेफर्ड (Basque shepherd) को मिला लेकिन जब वह जहाज से स्पेन जा रहा था तो सोने के सिक्कों के साथ वह समुद्र में डूब गया। इसके बाद आयल एक्सपर्ट हेनरी जोन्स (Henry Jones)  ने 1939 में इस खजाने की खुदाई करानी शुरू की लेकिन 27 नवंबर को उसने आत्महत्या कर ली। बाद में एक और व्यक्ति की मौत हो गई। अगर हम सैनिकों सहित सभी की गिनती करें तो 9 लोग इस खजाने के चक्कर में मर चुके हैं।
·                    ओक आयलैंड के गड्ढे का श्राप (Oak Island Money Pit Curse) :
ओक आयलैंड का रहस्य सबसे पहले 1795 में कुछ किशोर लड़कों द्वारा खोजा गया जिन्होंने कनाडा के नोवा स्कोटिया तट के पास एक छोटे से द्ववेप पर रहस्यमयी रौशनी देखी। जब बच्चे वहां पर पहुंचे तो उन्हें वहां पर ताज़ा खुद हुआ एक खड्डा दिखा। चुकी उस इलाके में लुटेरों का आना जाना रहता था इसलिए लड़कों ने सोचा की यहाँ पर जरूर खजाना गड़ा होगा। उन्होंने उस गड्डे की खुदाई करी तो वो आशर्यचकित रह गए उन्हें खड्डे के अंदर लकड़ी के अवरोधक और नारियल के खोलो की परते मिली तथा मिला एक पत्थर का टुकड़ा जिस पर लिखा हुआ था फोर्टी फीट बिलो टू मिलियन पाउंड्स आर बरीडयानी की चालीस फ़ीट की गहराई पर दो मिलियन पाउंड  दफ़न है।
दुनिया भर के बहुत से लोगों ने यहां धन की तलाश की थी, जिनमें अमेरिका के राष्ट्रपति फै्रंकलिन डी रूजवेल्ट (Franklin Delano Roosevelt) भी शामिल थे, हालांकि तब वो राष्ट्रपति नहीं बने थे। आज भी लोग यहां धन की तलाश कर रहे हैं लेकिन किसी को यह पता नहीं है कि किसने यहां धन छिपाया और क्यों छिपाया।
इस खजाने के धन को पाने की कोशिश में पहली मौत का पता 1861 में चला जब पंप फट गया और एक मजदूर की मौत हो गई। एक मेनार्ड कैजर (Maynard Kaizer) नाम के व्यक्ति ने 1951 में जब पत्थर को बांध कर हटा रहा था तो उसकी मौत हो गई। यहां 1965 में एडवंचरर राबर्ट रेस्टाल (adventurer Robert Restall), उसके बेटे और दो काम करने वाले अन्य लोग एक गड्ढे में गिर गए और उनकी मौत हो गई। एक किवदंती यह भी है कि इस खजाना को पाने से पहले सात मौतें होना चाहिए।
·                    द लॉस्ट डचमैन माइन (The Lost Dutchman Mine) :
एक किवदंती के अनुसार एक सोने की खदान अमेरिका के साउथ वेस्टर्न इलाके में है। माना जाता है कि यह सुपरसटीशन माउंटेन (Superstition Mountain) में कहीं है। यह ऐरिजोना में ईस्ट फोनिक्स के पास अपाचे जंक्शन के पास है। यहां की अपाचे जनजातियों (Apache tribes) के बीच यह मान्यता है कि गर्जना का देवता ईष्र्यालु है और किसी को भी इस खजाने के पास जाने नहीं देना चाहता है। स्पेन के फ्रांसिस्को वास्क डी कोरोनाडो (1510-1524) ने जब इस खदान को खोजने की कोशिश की तो उसके लोगों की मौत होने लगी और उनकी लाशों से ढेर लग गए। 1845 में यहां डॉन मिगुएल पेराल्टा (Don Miguel Peralta) को कुछ सोना मिला लेकिन स्थानीय अपाचे आदिवासियों ने उसकी हत्या कर दी और उन्होंने सोने को पूरे इलाके में बिखेर दिया और खदान का प्रवेश द्वार नष्ट कर दिया गया। एक डच व्यक्ति वाल्ज (Jacob Walz) जो जर्मनी से यहां आया था।  उसने 20 साल की तलाश के बाद इस खदान को पाने का दावा किया था, लेकिन इसका पता बताने से पहले ही उसकी मौत हो गई। यहां 1931 में खजाने की तलाश में आए एडोल्फ रुथ(Adolph Ruth) लापता हो गया और दो साल बाद उसकी हड्डियां मिली। लेकिन एक नोट भी मिला जिसमें लिखा था, मैं आया, मैंने देखा, मैं विजयी हुआ। इसका अर्थ यह है कि मौत से पहले वह गोल्ड माइन पाने में सफल रहा। इसके बाद भी बहुत से लोग इस खजाने को पाने के लिए अपनी जान गंवा चुके हैं। इस गोल्ड माइन की तलाश में तीन साल पहले डेनवर निवासी जेस केपेन(Jesse Capen) ने यह अभियान छोड़ दिया था लेकिन शव 2012 में उसका शव मिला।
·                    द अंबेर रूम (The Curse of the Amber Room) :
द अंबेर रूम, सोने का बना एक कमरा नुमा चैम्बर था जिसका निर्माण 1707 में पर्सिया में हुआ था।  द अंबेर रूम के अंदर पूरा काम सोने का था।  इसे कुछ लोग विश्व का आठवां आश्चर्य भी कहते थे।  यह रूस और पर्सिया के बीच शांति संधि के उत्सव के दौरान 1718 में पीटर द गे्रट को गिफ्ट के तौर पर मिली थी। तब से द अंबेर रूम रूस में ही था।  पर द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान 1941 में नाजियों ने इस पर कब्जा कर लिया और इसे सुरक्षित करने के
लिए अलग अलग भागों में बांट दिया। इन समस्त टुकड़ों को 1943 में  एक म्युजियम में प्रदर्शित किया गया। जहाँ से यह पूरा का पूरा द अंबेर रूम गायब हो गया जिसका की आज तक पता नहीं चला है। लेकिन इसके गायब होने के बाद इससे जुड़े लोगो की रहस्यमयी मौतों का सिलसिला शुरू होता है। म्युजियम के संरक्षक अल्फ्रेड रोड और पत्नी की मौत हो जाती है  और वह डॉक्टर गायब हो जाता है, जिसने उनके डेथ सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर किए थे। इस रूम से जुड़े रहे रूसी जनरल गुसेव की रहस्मय परिस्थियों में हुई कार दुर्घटना में मौत हो जाती है। अंबेररूम को खोजने वाले एक जॉर्ज स्टेइन की जंगल में मौत हो जाती है और उसका नग्न शव मिलता है।
·                    चाल्र्स आयलैंड का श्रापित खजाना (The Charles Island Curse) :
अमेरिका में मिलफोर्ड के पास एक छोटा सा  द्वीप है इस पुरे द्वीप को श्रापित माना जाता है।  मैक्सिकन सम्राट गुआजमोजिन ( Mexican Emporer Guatmozin) का धन 1721 में चोरी हो गया था और उसे यहां मल्लाहों ने छिपा दिया था। 1850 में यहां कुछ लोग खजाने की तलाश में पहुंचे तो प्रेत्माओं ने उन्हें मार दिया। उनके यहां पहुंचते ही हड्डियों के ढांचों से आग की लपटे निकलने लगी थी। यहां पर आज तक किसी को खजाना नहीं मिल सका। वहां जाने की कोशिश करने वाले बताते हैं कि वहां रहस्यम लाइट्स दिखाई देती है  और अजीब-अजीब आवाजें सुनाई देती।

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