12 फ़रवरी 2013

बालिका का नाग से विवाह

छिंदवाड़ा में एक बालिका द्वारा नाग देवता से ब्याह किए जाने की अनोखी घटना हाल ही में सामने आई है । मामला शहर से करीब आठ किमी दूर स्थित ग्राम रोहना कलां का है । इसे आस्था कहें या अंधविश्वास, लेकिन हकीकत तो यही है । की शादी सितंबर, 2012 में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ नाग देव से कराई गई । इस अनोखे विवाह के प्रत्यक्षदर्शी रोहना कलां के सैकड़ों ग्रामवासी थे ।
छिंदवाड़ा के रोहना कलां में रहने वाले संपत भलावी की 13 वर्षीय पुत्री अंजलि कक्षा आठवीं की छात्रा है । उसे गहरी नींद के दौरान कुछ सपने आया करते थे । इन सपनों में एक नाग देव अंजलि से कहा करते थे कि तुम जनम-जनम से मेरी ही पत्नी हो, इस जन्म में भी तुम्हें मुझसे ही ब्याह करना होगा । यह ब्याह ऋषि पंचमी पर होगा ।
ऋषि पंचमी पर जब यह शादी नहीं हुई तो इसी रात अंजलि को सपने में फिर से नाग देव ने दर्शन देकर शादी की बात दोहराई । अंजलि ने यह बात जब अपने घर वालों को बताई तो वे सुनकर अवाक रह ग ए। उन्होंने गांव के बुजुर्गों से इस संबंध में सलाह मश्वरा कर इस शादी को संपन्न कराया ।
बुजुर्गों के मशविरे के मुताबिक ऋषि पंचमी पर अंजलि का श्रृंगार दुल्हन की तरह किया गया । अंजलि तैयार होकर घर से निकली और गांव में स्थित नाग देवता के मंदिर में पहुंची । उसने नाग देव की प्रतिमा पर पानी चढ़ाया, अगरबत्ती लगाई और पुष्प अर्पित किए । फिर शादी के लिए तैयार अग्नि कुंड के आसपास नाग देव की प्रतिमा के साथ सात फेरे लिए ।
अंजलि के भाई व भाभी ने उसके पैर धुलाए । इसके बाद अंजलि ने घर जाने की इच्छा व्यक्त की । थोड़ी देर बाद अंजलि घर से लौटकर आई, तब उसे ग्रामीणों ने कहा कि वह अपने असली रूप के दर्शन दें । ग्रामीणों की मांग पर अंजलि ने एक कटोरी में दूध मगवाया और उस कटोरी का आधा दूध पी लिया । आधे दूध से भरी कटोरी को वहीं सामने रख दिया । कुछ ही देर में इस कटोरी के दूध में नाग देव की प्रतिमा का हल्का-सा प्रतिबिंब दिखाई देने लगा ।